Simran Mallick / Wed, Aug 26, 2026 / Post views : 8
रायपुर: रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और स्नेह का पर्व है। इस दिन बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसके सुखी और सुरक्षित जीवन की कामना करती हैं। वहीं भाई भी बहन की खुशहाली और सुरक्षा का संकल्प लेता है। इस पर्व से जुड़ी कई पारंपरिक और धार्मिक मान्यताएं भी हैं।
इन्हीं मान्यताओं में एक परंपरा भगवान गणेश को पहले रक्षा सूत्र अर्पित करने की है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान गणेश प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता हैं। इसलिए किसी भी शुभ कार्य से पहले उनकी पूजा करना शुभ माना जाता है। हालांकि, गणेश जी को पहले राखी बांधना हर परिवार के लिए अनिवार्य नहीं है और यह मुख्य रूप से आस्था एवं पारिवारिक परंपरा पर निर्भर करता है।
मान्यता है कि रक्षाबंधन के दिन भाई को राखी बांधने से पहले भगवान गणेश की पूजा करने से शुभ शुरुआत होती है। इसके लिए गणेश जी की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाकर रोली, अक्षत, फूल और मिठाई अर्पित की जा सकती है।
इसके बाद श्रद्धा के अनुसार गणेश जी को रक्षा सूत्र या राखी अर्पित की जाती है। धार्मिक विश्वास में गणेश जी को विघ्नों को दूर करने वाला देवता माना गया है, इसलिए इस परंपरा को शुभता और मंगलकामना से जोड़ा जाता है।
गणेश पूजा के बाद भाई को राखी बांधने की रस्म निभाई जा सकती है। सबसे पहले भाई को साफ आसन पर बैठाया जाता है। इसके बाद उसके माथे पर रोली या कुमकुम का तिलक लगाया जाता है और अक्षत लगाए जाते हैं।
फिर बहन भाई की आरती कर उसकी कलाई पर राखी बांधती है। इसके बाद भाई को मिठाई खिलाई जाती है। भाई भी बहन को उपहार देकर उसके सुख, समृद्धि और खुशहाल जीवन की कामना करता है।
पंचांग के अनुसार, रक्षाबंधन 2026 का पर्व शुक्रवार, 28 अगस्त को मनाया जाएगा। दी गई जानकारी के मुताबिक श्रावण पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त को सुबह 9:08 बजे शुरू होकर 28 अगस्त को सुबह 9:48 बजे तक रहेगी।
राखी बांधने के लिए 28 अगस्त को सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक का समय बताया गया है। हालांकि, अलग-अलग पंचांग और क्षेत्रीय परंपराओं के अनुसार मुहूर्त में अंतर हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग को भी देखना उचित रहेगा।
गणेश जी को पहले राखी बांधना धार्मिक मान्यता और पारिवारिक परंपरा है, कोई अनिवार्य नियम नहीं। कई परिवारों में पहले गणेश पूजा की जाती है, जबकि कुछ जगह सीधे भाई को राखी बांधने की परंपरा है। रक्षाबंधन का मुख्य भाव भाई-बहन के प्रेम, सम्मान और आपसी विश्वास से जुड़ा है।
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