Fri, 09 Oct
Breaking News
IND vs ZIM Match Raipur Tickets: : 250 रुपये से शुरू टिकट, 12 अक्टूबर से ऑनलाइन बुकिंग, स्मृति मंधाना-हरमनप्रीत को देखने का मौका | Navratri Colours 2026 : नवरात्रि के नौ दिनों में पहनें ये 9 शुभ रंग, जानें किस दिन किस रंग का है महत्व | विभाग स्तरीय संस्कृति महोत्सव में आराध्या ने बढ़ाया मान : चित्रकला प्रतियोगिता में आराध्या साहू ने पाया द्वितीय स्थान | CG Shikshak Bharti Exam Stay : y: छत्तीसगढ़ में शिक्षक भर्ती परीक्षा पर हाईकोर्ट की रोक, 2,292 पदों की भर्ती अटकी | ISSO National Basketball Championship 2026 : रायपुर में कल से राष्ट्रीय बास्केटबॉल चैंपियनशिप, 46 टीमें लेंगी हिस्सा | Gold Price Today : नवरात्रि से पहले सोना-चांदी सस्ता, जानें रायपुर समेत बड़े शहरों के ताजा भाव | Food Inflation : महंगाई से बिगड़ा रसोई का बजट, शाकाहारी थाली 10% महंगी; प्याज के दाम में 89% उछाल | Tribute Ceremony News : चित्रलेखा साहू के पिता के दशगात्र में साहू समाज ने दी श्रद्धांजलि | CG SDM Transfer : धमतरी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, नगरी SDM प्रीति दुर्गम और CEO का तबादला | Kawardha Kisan Andolan : कवर्धा में किसानों का बड़ा प्रदर्शन, 2 हजार ट्रैक्टरों के साथ सड़कों पर उतरे किसान | IND vs ZIM Match Raipur Tickets: : 250 रुपये से शुरू टिकट, 12 अक्टूबर से ऑनलाइन बुकिंग, स्मृति मंधाना-हरमनप्रीत को देखने का मौका | Navratri Colours 2026 : नवरात्रि के नौ दिनों में पहनें ये 9 शुभ रंग, जानें किस दिन किस रंग का है महत्व | विभाग स्तरीय संस्कृति महोत्सव में आराध्या ने बढ़ाया मान : चित्रकला प्रतियोगिता में आराध्या साहू ने पाया द्वितीय स्थान | CG Shikshak Bharti Exam Stay : y: छत्तीसगढ़ में शिक्षक भर्ती परीक्षा पर हाईकोर्ट की रोक, 2,292 पदों की भर्ती अटकी | ISSO National Basketball Championship 2026 : रायपुर में कल से राष्ट्रीय बास्केटबॉल चैंपियनशिप, 46 टीमें लेंगी हिस्सा | Gold Price Today : नवरात्रि से पहले सोना-चांदी सस्ता, जानें रायपुर समेत बड़े शहरों के ताजा भाव | Food Inflation : महंगाई से बिगड़ा रसोई का बजट, शाकाहारी थाली 10% महंगी; प्याज के दाम में 89% उछाल | Tribute Ceremony News : चित्रलेखा साहू के पिता के दशगात्र में साहू समाज ने दी श्रद्धांजलि | CG SDM Transfer : धमतरी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, नगरी SDM प्रीति दुर्गम और CEO का तबादला | Kawardha Kisan Andolan : कवर्धा में किसानों का बड़ा प्रदर्शन, 2 हजार ट्रैक्टरों के साथ सड़कों पर उतरे किसान | IND vs ZIM Match Raipur Tickets: : 250 रुपये से शुरू टिकट, 12 अक्टूबर से ऑनलाइन बुकिंग, स्मृति मंधाना-हरमनप्रीत को देखने का मौका | Navratri Colours 2026 : नवरात्रि के नौ दिनों में पहनें ये 9 शुभ रंग, जानें किस दिन किस रंग का है महत्व | विभाग स्तरीय संस्कृति महोत्सव में आराध्या ने बढ़ाया मान : चित्रकला प्रतियोगिता में आराध्या साहू ने पाया द्वितीय स्थान | CG Shikshak Bharti Exam Stay : y: छत्तीसगढ़ में शिक्षक भर्ती परीक्षा पर हाईकोर्ट की रोक, 2,292 पदों की भर्ती अटकी | ISSO National Basketball Championship 2026 : रायपुर में कल से राष्ट्रीय बास्केटबॉल चैंपियनशिप, 46 टीमें लेंगी हिस्सा | Gold Price Today : नवरात्रि से पहले सोना-चांदी सस्ता, जानें रायपुर समेत बड़े शहरों के ताजा भाव | Food Inflation : महंगाई से बिगड़ा रसोई का बजट, शाकाहारी थाली 10% महंगी; प्याज के दाम में 89% उछाल | Tribute Ceremony News : चित्रलेखा साहू के पिता के दशगात्र में साहू समाज ने दी श्रद्धांजलि | CG SDM Transfer : धमतरी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, नगरी SDM प्रीति दुर्गम और CEO का तबादला | Kawardha Kisan Andolan : कवर्धा में किसानों का बड़ा प्रदर्शन, 2 हजार ट्रैक्टरों के साथ सड़कों पर उतरे किसान |

Inner Awakening Program : रायपुर में तीन दिवसीय ‘इनर अवेकनिंग प्रोग्राम’ का समापन, आध्यात्म और विज्ञान के संगम ने प्रतिभागियों को किया प्रभावित

Simran Mallick / Tue, Aug 25, 2026 / Post views : 83

Share:

रायपुर: आनंदम फाउंडेशन द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘इनर अवेकनिंग प्रोग्राम’ का रायपुर में अत्यंत सफलतापूर्वक एवं गरिमापूर्ण वातावरण में समापन हुआ। यह कार्यक्रम हर्षपुष्प गार्डन, अमलेश्वर के अत्यंत सुंदर, शांत, प्राकृतिक एवं हाई-वाइब्रेशनल वातावरण में आयोजित किया गया। हर्षपुष्प गार्डन का सकारात्मक एवं ऊर्जा से भरपूर वातावरण कार्यक्रम की आध्यात्मिक अनुभूति को और भी गहरा बनाने वाला रहा।

कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आए अनेक प्रबुद्ध एवं प्रतिष्ठित लोगों ने सहभागिता की। इनमें बड़ी संख्या में इंजीनियर, प्राध्यापक, प्राचार्य, शिक्षाविद्, प्रोफेशनल्स एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े बुद्धिजीवी शामिल रहे।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता महर्षि आलोक जी ने अपने गहन एवं सहज संवाद के माध्यम से आध्यात्म और आधुनिक विज्ञान के बीच एक सुंदर सेतु स्थापित किया। उनकी बातें जीवन के व्यावहारिक पक्ष से जुड़ी होने के साथ-साथ व्यक्ति की आंतरिक चेतना और आत्मिक विकास की ओर भी ले जाने वाली थीं। प्रतिभागी पूरे मनोयोग से उनकी बातों को सुनते रहे और उनके विचारों ने सभी को गहराई से प्रभावित किया।

कार्यक्रम के पहले दो दिनों में इस विषय पर गहन चर्चा हुई कि मनुष्य संसार में रहते हुए भी किस प्रकार आनंदपूर्ण, सफल और संतुलित जीवन जी सकता है। महर्षि आलोक जी ने स्पष्ट किया कि आध्यात्मिकता का अर्थ संसार से दूर हो जाना नहीं, बल्कि संसार में रहते हुए जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में पूर्णता प्राप्त करना है।

उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता केवल आध्यात्मिक उपलब्धि तक सीमित नहीं होनी चाहिए। व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति, कार्यक्षेत्र, परिवार एवं रिश्तों—हर क्षेत्र में सफल और संतुलित होना आवश्यक है। जब स्वास्थ्य अच्छा हो, आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो, कार्यक्षेत्र में सफलता मिले और परिवार एवं रिश्तों में प्रेम, समझ एवं सामंजस्य हो, तभी व्यक्ति वास्तविक अर्थों में सुखपूर्वक जीवन जी सकता है।

इन विषयों पर हुई गहन चर्चा एवं व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रतिभागियों के लिए अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायी रहा। कार्यक्रम में यह संदेश प्रमुखता से सामने आया कि आध्यात्मिक विकास और सांसारिक सफलता एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक हैं।

कार्यक्रम का तीसरा दिन विशेष रूप से आध्यात्मिक अनुभूति को समर्पित रहा। महर्षि आलोक जी ने संतों की वाणी और उनके अनुभवों के माध्यम से प्रतिभागियों को आंतरिक आनंद एवं चेतना की गहराई का अनुभव कराया। मीराबाई, गुरु नानक जी तथा अन्य संतों द्वारा गाए गए भक्ति गीतों और उनके पीछे छिपे आध्यात्मिक अनुभवों को उन्होंने अत्यंत सहज और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाया। प्रतिभागियों ने इन अनुभवों को केवल सुना ही नहीं, बल्कि ध्यान एवं साधना के माध्यम से उन्हें भीतर महसूस करने का प्रयास किया।

महर्षि आलोक जी के अनुसार, संसार में सफलता प्राप्त करना 100 प्रतिशत सफलता है। लेकिन जब व्यक्ति संसार की सफलता के साथ-साथ उस सत्य को भी जान लेता है जिसे बुद्ध, महावीर और महान संतों ने अपने भीतर अनुभव किया था और उस अनुभूति में डूब जाता है, तब वह सफलता 200 प्रतिशत सफलता बन जाती है।

तीन दिनों तक हर्षपुष्प गार्डन के शांत, सुंदर और सकारात्मक वातावरण में चले इस कार्यक्रम ने प्रतिभागियों को जीवन, सफलता, रिश्तों, स्वास्थ्य, समृद्धि और आध्यात्मिक चेतना को एक नए दृष्टिकोण से देखने का अवसर प्रदान किया।

कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने इसे जीवन को नई दिशा, नई दृष्टि और भीतर से जागृत होने का अवसर प्रदान करने वाला अत्यंत प्रभावशाली अनुभव बताया।

आनंदम फाउंडेशन का यह प्रयास व्यक्ति के व्यक्तिगत विकास के साथ-साथ परिवार, समाज और व्यापक मानव जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में सामने आया।

Tags :

Share News:

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement