Simran Mallick / Mon, Aug 3, 2026 / Post views : 1
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनकी पुलिस जांच पूरी होने के बावजूद उनकी क्लोजर रिपोर्ट अब तक संबंधित अदालतों में पेश नहीं की गई। इस मामले में पुलिस महानिदेशक (DGP) के हलफनामे के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए अगली सुनवाई से पहले विस्तृत स्थिति रिपोर्ट तलब की है।
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को निर्धारित की है।
हाईकोर्ट में दाखिल शपथपत्र के अनुसार, प्रदेश में 1,45,097 मामलों की जांच पूरी हो चुकी है, लेकिन उनकी क्लोजर रिपोर्ट अब तक अदालतों में पेश नहीं की गई। इनमें कई मामले वर्षों से पुलिस थानों में लंबित पड़े हुए हैं।
कोर्ट ने DGP को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई से पहले नए हलफनामे में बताया जाए कि जांच पूरी हो चुके कितने मामलों की क्लोजर रिपोर्ट अदालतों में दाखिल की गई है और कितने मामले अब भी लंबित हैं।
यह मामला योगेंद्र बाबू शर्मा द्वारा दायर तीन अलग-अलग याचिकाओं की सुनवाई के दौरान सामने आया। हाईकोर्ट ने 10 अप्रैल और 5 मई 2026 को DGP से विस्तृत शपथपत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।
हलफनामे में बताया गया कि 15 जून 2026 तक प्रदेश में 1,47,714 ऐसे मामले थे, जिनकी जांच पूरी होने के बावजूद क्लोजर रिपोर्ट अदालतों तक नहीं पहुंची थी।
लंबित मामलों की संख्या और रिकॉर्ड इतना अधिक था कि पुलिस विभाग को पूरी जानकारी सीलबंद लिफाफे में पेन ड्राइव के माध्यम से हाईकोर्ट में जमा करनी पड़ी।
इसके बाद विशेष अभियान चलाया गया, जिसके तहत 20 मई से 16 जुलाई के बीच केवल 2,617 मामलों की क्लोजर रिपोर्ट अदालतों में प्रस्तुत की जा सकी।
हाईकोर्ट के निर्देश पर पुलिस मुख्यालय द्वारा प्रदेशभर में समीक्षा कराई गई। जांच में सामने आया कि रायपुर पुलिस कमिश्नरेट सहित कई रेंज और जिला पुलिस थानों में क्लोजर रिपोर्ट वर्षों से लंबित पड़ी थीं।
DGP ने अदालत को बताया कि लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा, ताकि पुराने मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।
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