Simran Mallick / Wed, Sep 2, 2026 / Post views : 32
दमोह: जन्मदिन की पार्टी को लेकर दमोह में दो अधिवक्ता मित्रों के बीच शुरू हुआ विवाद अब कानूनी नोटिस तक पहुंच गया है। मामला किसी संपत्ति या लेन-देन का नहीं, बल्कि बर्थडे पार्टी का है। पार्टी देने के वादे के बावजूद पार्टी नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए अधिवक्ता विशाल सिंह राजपूत की ओर से अपने अधिवक्ता मित्र गोविंद तिवारी को कानूनी नोटिस भेजा गया है। नोटिस में मानसिक और शारीरिक क्षति सहित कुल 41 हजार 250 रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग की गई है।
पहले पार्टी का वादा, फिर हुआ इकरारनामा
जानकारी के अनुसार जिला न्यायालय के अधिवक्ता गोविंद तिवारी का जन्मदिन 10 अगस्त को था। उनके अधिवक्ता मित्रों ने जन्मदिन की पार्टी की मांग की थी। बताया जा रहा है कि गोविंद तिवारी ने अगले रविवार पार्टी देने का आश्वासन दिया था।
इसके बाद 23 अगस्त को पार्टी देने को लेकर इकरारनामा भी कराया गया। इस इकरारनामे पर वरिष्ठ अधिवक्ताओं के हस्ताक्षर होने की बात सामने आई है। आरोप है कि इसके बावजूद पार्टी नहीं दी गई, जिसके बाद अधिवक्ता विशाल सिंह राजपूत की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता के माध्यम से कानूनी नोटिस भेजा गया।
नोटिस में ₹41,250 की क्षतिपूर्ति की मांग
कानूनी नोटिस में पार्टी का वादा पूरा नहीं करने से हुई कथित मानसिक और शारीरिक क्षति के लिए ₹41,250 की क्षतिपूर्ति मांगी गई है। इस अनोखे मामले की चर्चा अब दमोह के अधिवक्ता जगत में भी हो रही है।
गोविंद तिवारी बोले- मैंने तो पार्टी दी थी
वहीं अधिवक्ता गोविंद तिवारी ने आरोपों से अलग अपना पक्ष रखा है। उनका कहना है कि उन्होंने जन्मदिन की पार्टी दी थी और पार्टी से संबंधित बिल भी उनके पास मौजूद है। उनका कहना है कि नोटिस में लगाए गए आरोपों का जवाब कानूनी प्रक्रिया के तहत दिया जाएगा।
अब जन्मदिन की पार्टी से शुरू हुआ यह विवाद आगे कानूनी लड़ाई का रूप लेता है या दोनों पक्ष आपसी बातचीत से मामले को सुलझाते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा। फिलहाल “पार्टी नहीं मिली तो भेज दिया कानूनी नोटिस” वाला यह मामला चर्चा में बना हुआ है।
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