Simran Mallick / Wed, Sep 2, 2026 / Post views : 22
जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में गरीबों के लिए संचालित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। जांच के दौरान BPL सूची में शामिल 5,052 ऐसे हितग्राहियों की पहचान हुई है, जो आयकरदाता होने के बावजूद गरीबों के लिए निर्धारित राशन योजना का लाभ ले रहे थे। इनमें कुछ लोगों की सालाना आय 25 लाख रुपये तक होने की जानकारी सामने आई है।
आयकर विभाग के रिकॉर्ड से हुआ खुलासा
जिला प्रशासन ने BPL सूची में शामिल हितग्राहियों के नामों का आयकर विभाग के पोर्टल पर उपलब्ध रिकॉर्ड से मिलान कराया। जांच के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे लोग मिले, जिनका आयकर रिकॉर्ड मौजूद था, लेकिन वे गरीब परिवारों के लिए मिलने वाले सरकारी राशन का लाभ उठा रहे थे।
सत्यापन के बाद प्रशासन ने 5,052 नाम BPL सूची से हटा दिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, अपात्र लोगों को सूची से बाहर करने से योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
अब फर्जी तरीके से लाभ लेने वालों पर कार्रवाई की तैयारी
डिप्टी कलेक्टर रघुवीर सिंह मरावी के अनुसार BPL सूची के सत्यापन के दौरान यह मामला सामने आया। उन्होंने बताया कि शासन से निर्देश मिलने के बाद फर्जी तरीके से सरकारी योजना का लाभ लेने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद अब उन लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, जिन्होंने आर्थिक रूप से सक्षम होने के बावजूद गरीबों के लिए निर्धारित राशन योजना का लाभ लिया।
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