Simran Mallick / Sat, Sep 5, 2026 / Post views : 3
काठमांडू: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। प्रभावित इलाकों से लगातार शव बरामद होने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 1,344 हो गई है। वहीं करीब 5,000 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। नेपाली सेना के नेतृत्व में संयुक्त बचाव दल शनिवार को भी लगातार 11वें दिन राहत और खोज अभियान में जुटा रहा।
अधिकारियों के मुताबिक, लापता लोगों में 589 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। अब तक 13,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है।
10 दिन बाद मलबे से जिंदा निकली महिला
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान शनिवार को नुवाकोट जिले के बिदुर शहर में एक चार मंजिला मकान के ऊपरी हिस्से से 60 वर्षीय चंडिका श्रेष्ठा को सुरक्षित निकाला गया। महिला करीब 10 दिनों से मलबे और कीचड़ में फंसी हुई थी।
सशस्त्र पुलिस बल की टीम ने उन्हें बेहोशी की हालत में बाहर निकाला, जिसके बाद इलाज के लिए नेपाली सेना की मैथिली बैरक ले जाया गया।
26 अगस्त को आई थी विनाशकारी बाढ़
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को हिमस्खलन के बाद अचानक बाढ़ आई थी। इसके चलते उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों में भारी तबाही हुई। भोटेकोशी नदी में आए उफान से मकान, वाहन, सड़कें और पुल बह गए, जबकि कई जलविद्युत परियोजनाएं भी प्रभावित हुईं।
चीन की मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस आपदा में चीन की ओर कम से कम 21 लोगों की मौत हुई है और तिब्बत में 500 से ज्यादा लोग लापता हैं।
चितवन में मिले सबसे ज्यादा शव
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अनुसार, सबसे ज्यादा 360 शव चितवन जिले से बरामद किए गए हैं। इसके अलावा रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, तनहूं और नवलपरासी सहित कई जिलों में भी शव मिले हैं।
अधिकारियों के अनुसार, जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद अब तक 1,030 शवों को अस्थायी रूप से दफनाया गया है, जबकि पहचान पूरी होने के बाद सिर्फ 96 शव परिजनों को सौंपे जा सके हैं।
शवों की पहचान बनी बड़ी चुनौती
बाढ़ और मलबे में लंबे समय तक रहने के कारण कई शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कई मामलों में शवों के केवल कुछ हिस्से ही बरामद हुए हैं। ऐसे में चेहरे, कपड़ों या निजी सामान के आधार पर पहचान करना मुश्किल हो रहा है। अधिकारियों द्वारा डीएनए नमूने समेत अन्य प्रक्रियाओं के जरिए मृतकों की पहचान की जा रही है।
सुरंगों में फंसे लोगों का रेस्क्यू
बाढ़ प्रभावित इलाकों की जलविद्युत परियोजनाओं में भी बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। आशंका है कि कई लोग सुरंगों में फंसे हुए हैं। भारत और चीन के विशेषज्ञ नेपाली बचाव दलों के साथ मिलकर अभियान में मदद कर रहे हैं।
शुक्रवार से अब तक तीन लोगों को सुरंगों से सुरक्षित निकाला जा चुका है। इनमें त्रिशूली-3ए परियोजना की सुरंग से दो नेपाली नागरिक और अपर त्रिशूली-1 परियोजना से एक चीनी नागरिक शामिल है।
भारतीय सुरंग बचाव टीम ने रसुवा जिले की चिलिमे सुरंग के भीतर एक अस्थायी रास्ता भी तैयार किया है, जिससे भारी उपकरणों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कई नदियों के जलस्तर पर नजर
प्रशासन लगातार कोशी, नारायणी, बागमती, कर्णाली, महाकाली, कंकई, कमला, बबई और राप्ती समेत कई नदियों के जलस्तर की निगरानी कर रहा है। नेपाली सेना के नेतृत्व में संयुक्त बचाव दल लापता लोगों की तलाश और राहत कार्य में लगातार जुटा हुआ है।
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