Simran Mallick / Fri, Sep 4, 2026 / Post views : 11
श्रीहरिकोटा:भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 4 सितंबर 2026 को एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से GSLV-F17 रॉकेट के जरिए पृथ्वी अवलोकन उपग्रह EOS-05 का सफल प्रक्षेपण किया गया। रॉकेट ने तड़के 2:55 बजे उड़ान भरी और करीब 18 मिनट बाद उपग्रह को निर्धारित कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया गया।
EOS-05 को जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से पृथ्वी के बड़े हिस्से की लगातार निगरानी और इमेजिंग के लिए तैयार किया गया है। उपग्रह से मिलने वाले डेटा का इस्तेमाल आपदा प्रबंधन, मौसम संबंधी निगरानी, कृषि और रणनीतिक जरूरतों में किया जा सकता है। इसके जरिए भारत की सीमाओं समेत संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी क्षमता को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
ISRO प्रमुख डॉ. वी. नारायणन ने मिशन की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि GSLV-F17 ने EOS-05 को इच्छित और आवश्यक कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित किया। मिशन निदेशक थॉमस कुरियन के मुताबिक, यह GSLV द्वारा GTO या सब-GTO कक्षा में प्रक्षेपित किए गए सबसे भारी उपग्रहों में से एक है। उन्होंने मिशन की सफलता को वैज्ञानिकों और पूरी टीम के लिए गर्व का क्षण बताया।
इसरो की सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में इसे देश के लिए गर्व का क्षण बताया और कहा कि EOS-05 के साथ GSLV-F17 की सफल उड़ान भारत की अंतरिक्ष क्षेत्र में बढ़ती क्षमता, नवाचार और तकनीकी उत्कृष्टता को दर्शाती है।
पीएम मोदी ने ISRO और भारतीय उद्योग के बीच बढ़ती साझेदारी को भी भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण बताया। मिशन की सफलता के बाद वैज्ञानिक समुदाय और देशभर में खुशी का माहौल है।
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