नई दिल्ली: देश में प्रस्तावित जनगणना 2027 को लेकर राजनीतिक विवाद तेज होता दिखाई दे रहा है। जाति आधारित गणना के तरीके को लेकर कांग्रेस ने केंद्र की BJP नेतृत्व वाली सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि जाति दर्ज करने की प्रक्रिया ऐसी नहीं होनी चाहिए, जिससे OBC आबादी का सही आंकड़ा सामने आने में परेशानी हो।
कांग्रेस का कहना है कि जनगणना 2027 में जातियों के नाम दर्ज करने के लिए एक पूर्व-निर्धारित सूची या ड्रॉप-डाउन मेनू उपलब्ध कराया जाना चाहिए। पार्टी ने खुले तौर पर जाति का नाम पूछे जाने की प्रक्रिया पर चिंता जताई है।
कांग्रेस का तर्क है कि यदि लोगों से सीधे जाति का नाम लिखने के लिए कहा जाता है, तो अलग-अलग नाम, वर्तनी और स्थानीय पहचान के कारण आंकड़ों को एकत्र करने और उनका वर्गीकरण करने में मुश्किल हो सकती है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मौजूदा प्रक्रिया से अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की वास्तविक आबादी का सही अनुमान सामने नहीं आ पाएगा। पार्टी इसे OBC आबादी को कम करके दिखाने की कोशिश के तौर पर देख रही है।
कांग्रेस ने अपने आरोपों के समर्थन में 2011 की सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना (SECC) से जुड़े केंद्र सरकार के पुराने बयानों का भी हवाला दिया है।
कांग्रेस का एक प्रमुख आरोप यह भी है कि जनगणना 2027 के फॉर्म में OBC श्रेणी का विकल्प शामिल नहीं किया गया है। पार्टी का कहना है कि इससे OBC आबादी का व्यापक और स्पष्ट आंकड़ा जुटाने में दिक्कत हो सकती है।
वहीं, जाति आधारित जनगणना को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच यह मुद्दा आने वाले समय में और राजनीतिक बहस का विषय बन सकता है। जनगणना की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ जाति संबंधी आंकड़ों को दर्ज करने का तरीका इस विवाद का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
नोट: कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोप राजनीतिक दावे हैं। इन दावों और जनगणना की अंतिम प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी के लिए केंद्र सरकार की आधिकारिक अधिसूचनाओं और जनगणना संबंधी दिशा-निर्देशों को अंतिम आधार माना जाना चाहिए।
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