Simran Mallick / Thu, Aug 27, 2026 / Post views : 2
Chandra Grahan 2026: साल 2026 का आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को लगेगा। खास बात यह है कि इसी दिन रक्षाबंधन का पर्व भी मनाया जाएगा। यह आंशिक चंद्र ग्रहण होगा। भारतीय समय के अनुसार इसका आंशिक चरण सुबह 8:04 बजे से 11:22 बजे तक रहेगा और ग्रहण का मध्य चरण करीब 9:43 बजे बताया गया है।
हालांकि, यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के बाद स्नान, पूजा-पाठ और जरूरतमंदों को दान करना शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं किन चीजों के दान को विशेष महत्व दिया जाता है।
ग्रहण समाप्त होने के बाद गेहूं, चावल, दाल और अन्य खाद्य सामग्री का दान किया जा सकता है। जरूरतमंद लोगों को भोजन कराना भी शुभ माना जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार अन्न को जीवन की मूल आवश्यकताओं में शामिल किया गया है। इसलिए किसी जरूरतमंद या भूखे व्यक्ति को भोजन उपलब्ध कराना पुण्यकारी माना जाता है।
धार्मिक परंपराओं में चंद्रमा का संबंध सफेद रंग से माना जाता है। इसी वजह से चंद्र ग्रहण के बाद चावल, दूध, सफेद कपड़े जैसी वस्तुओं का दान करने की मान्यता है।
ज्योतिषीय मान्यताओं में चंद्रमा को मन और भावनाओं से जोड़ा जाता है। ऐसे में सफेद वस्तुओं का दान मानसिक शांति और चंद्रमा से जुड़ी शुभता के लिए किया जाता है।
ग्रहण के बाद जरूरतमंद व्यक्ति को साफ और उपयोग योग्य कपड़े दान करना भी धार्मिक रूप से शुभ माना जाता है। इसके अलावा तिल के दान की परंपरा भी कई जगहों पर प्रचलित है।
काले या सफेद तिल का दान धार्मिक अनुष्ठानों में किया जाता है और इसे शुभ माना जाता है। इसके साथ ही जरूरतमंदों को धन, भोजन या आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना भी सेवा का अच्छा माध्यम हो सकता है।
चंद्र ग्रहण से जुड़े दान और उपाय धार्मिक एवं ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें वैज्ञानिक रूप से किस्मत बदलने का प्रमाणित तरीका नहीं माना जाता। भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देने के कारण यहां सूतक काल से जुड़ी मान्यताएं भी लागू नहीं होंगी।
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