Simran Mallick / Wed, Oct 14, 2026 / Post views : 46
मदुरै। शारदीय नवरात्रि के दौरान देशभर में मां दुर्गा की आराधना और उत्सव की धूम देखने को मिल रही है। इस बीच तमिलनाडु के मदुरै में नवरात्रि की एक अनोखी परंपरा लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है। यहां अशोकन नाम के व्यक्ति के घर में 5,000 से ज्यादा गुड़ियों से भव्य गोलू प्रदर्शनी सजाई गई है। अलग-अलग आकार और रूप वाली इन गुड़ियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, धार्मिक मान्यताओं और पारंपरिक जीवन की झलक प्रस्तुत की गई है।
मदुरै में सजाई गई इस गोलू प्रदर्शनी में हजारों गुड़ियों को व्यवस्थित ढंग से प्रदर्शित किया गया है। इन गुड़ियों के जरिए देवी-देवताओं, सांस्कृतिक परंपराओं और समाज से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को दर्शाया गया है। नवरात्रि के दौरान इस तरह की सजावट श्रद्धा के साथ-साथ भारतीय कला और विरासत को प्रदर्शित करने का माध्यम भी बनती है।
गोलू दक्षिण भारत में नवरात्रि के दौरान निभाई जाने वाली एक पारंपरिक धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा है। इसका विशेष प्रचलन तमिलनाडु सहित दक्षिण भारत के कई क्षेत्रों में देखने को मिलता है। इस परंपरा में घरों के भीतर सीढ़ीनुमा मंच तैयार किया जाता है, जिस पर विभिन्न प्रकार की गुड़ियों और मूर्तियों को सजाया जाता है।
इन मंचों पर देवी-देवताओं, संतों, पौराणिक पात्रों, ऐतिहासिक व्यक्तित्वों और दैनिक जीवन से जुड़े दृश्यों को दर्शाया जाता है। सजावट के माध्यम से धार्मिक कथाओं, सामाजिक जीवन और सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।
गोलू की परंपरा नवरात्रि के दौरान भक्ति, रचनात्मकता और पारिवारिक सहभागिता का प्रतीक मानी जाती है। इस अवसर पर कई परिवार अपने घरों में विशेष सजावट करते हैं और परिचितों को गोलू देखने के लिए आमंत्रित करते हैं। कुछ स्थानों पर महिलाएं और बच्चे मिलकर पारंपरिक गीत-संगीत तथा धार्मिक आयोजनों में भी भाग लेते हैं।
मदुरै में 5,000 से अधिक गुड़ियों से सजी यह प्रदर्शनी नवरात्रि के उत्सव में परंपरा और कलात्मकता का अनूठा संगम प्रस्तुत करती है।
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