Simran Mallick / Fri, Oct 9, 2026 / Post views : 4
Navratri Colours 2026: शारदीय नवरात्रि का पर्व 11 अक्टूबर 2026 से शुरू होने जा रहा है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पावन त्योहार में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। नवरात्रि के दौरान भक्त पूजा-पाठ, व्रत और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ विशेष रंगों के वस्त्र पहनना भी पसंद करते हैं। मान्यता है कि नवरात्रि के नौ रंग अलग-अलग भावनाओं, सकारात्मकता और देवी के स्वरूपों का प्रतीक हैं।
अगर आप भी इस नवरात्रि हर दिन के अनुसार रंगों के कपड़े पहनना चाहते हैं, तो यहां जानिए नौ दिनों के रंगों की सूची और उनका धार्मिक महत्व।
नवरात्रि 2026 के नौ दिन और नौ शुभ रंग
पहला दिन – 11 अक्टूबर, रविवार: नारंगी रंग
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। नारंगी रंग उत्साह, ऊर्जा और सकारात्मक सोच का प्रतीक माना जाता है। इस दिन नारंगी रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है।
दूसरा दिन – 12 अक्टूबर, सोमवार: सफेद रंग
दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की आराधना होती है। सफेद रंग शांति, पवित्रता, सादगी और सौम्यता का प्रतीक है। भक्त इस दिन सफेद वस्त्र पहनकर मां की पूजा कर सकते हैं।
तीसरा दिन – 13 अक्टूबर, मंगलवार: लाल रंग
तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। लाल रंग शक्ति, साहस और उत्साह का प्रतीक माना जाता है। इस दिन लाल रंग के वस्त्र पहनने की परंपरा कई जगहों पर प्रचलित है।
चौथा दिन – 14 अक्टूबर, बुधवार: शाही नीला रंग
चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा होती है। शाही नीला रंग गहराई, आत्मविश्वास और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस दिन नीले रंग के वस्त्र पहनकर भक्त उत्सव में शामिल हो सकते हैं।
पांचवां दिन – 15 अक्टूबर, गुरुवार: पीला रंग
पांचवें दिन मां स्कंदमाता की आराधना की जाती है। पीला रंग खुशहाली, ज्ञान, आशा और सकारात्मकता से जुड़ा माना जाता है। इस दिन पीले रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है।
छठा दिन – 16 अक्टूबर, शुक्रवार: हरा रंग
छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। हरा रंग प्रकृति, विकास, नई शुरुआत और समृद्धि का प्रतीक है। इस दिन हरे रंग के कपड़े पहनकर मां का आशीर्वाद लिया जा सकता है।
सातवां दिन – 17 अक्टूबर, शनिवार: स्लेटी रंग
सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा होती है। स्लेटी रंग संतुलन, स्थिरता और संयम का प्रतीक माना जाता है। इस दिन भक्त स्लेटी रंग के वस्त्र पहन सकते हैं।
आठवां दिन – 18 अक्टूबर, रविवार: बैंगनी रंग
आठवें दिन दुर्गा अष्टमी पर मां महागौरी की पूजा की जाती है। बैंगनी रंग गरिमा, ऐश्वर्य और आध्यात्मिकता से जुड़ा माना जाता है। इस दिन भक्त मां दुर्गा की आराधना के साथ उत्सव मनाते हैं।
नौवां दिन – 19 अक्टूबर, सोमवार: मयूर हरा रंग
नवरात्रि के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। मयूर हरा रंग सौम्यता, समृद्धि और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। इस दिन पूजा-अर्चना के साथ नवरात्रि के अंतिम दिन का उत्सव मनाया जाता है।
हर साल क्यों बदल जाते हैं नवरात्रि के रंग?
नवरात्रि के नौ रंगों का क्रम हर साल एक जैसा नहीं रहता। प्रचलित परंपराओं में नवरात्रि के पहले दिन पड़ने वाले सप्ताह के वार के अनुसार रंगों का चयन किया जाता है। इसके बाद रंगों का क्रम आगे बढ़ता है। हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों और परंपराओं में रंगों की सूची में अंतर भी देखने को मिल सकता है।
नवरात्रि के रंगों का धार्मिक महत्व
नवरात्रि के दौरान रंगों के वस्त्र पहनना धार्मिक आस्था और उत्सव की भावना से जुड़ा है। भक्त इन रंगों के माध्यम से मां दुर्गा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। हालांकि, किसी विशेष रंग को पहनना अनिवार्य नहीं है। श्रद्धा और भक्ति के साथ मां दुर्गा की पूजा करना ही इस पर्व का मुख्य उद्देश्य है।
नोट: नवरात्रि के रंगों और उनके अर्थों से जुड़ी जानकारी प्रचलित धार्मिक एवं सांस्कृतिक मान्यताओं पर आधारित है। अलग-अलग पंचांगों, क्षेत्रों और परंपराओं में रंगों के क्रम में अंतर हो सकता है।
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